एसीएसआईआर-पीजीपीआरई

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआइआर) विज्ञान तथा प्रौधोगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्‍वायतशायी निकाय है । यह भारत में सार्वजनिक निधि प्राप्‍त सबसे बड़ा अनुसंधान एवं विकास संगठन है जिसके अंतर्गत वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास का संपूर्ण परिदृश्‍य, सिविल अवसंरचना, वांतरिक्ष, समुद्र अन्‍वेषण, माइक्रो इलैक्ट्र‍ानिक्‍स, संरचनात्‍मक एवं पर्यावरणीय इंजीनियरी, स्‍मार्ट सामग्री, मेकाट्रॉनिक्‍स, पेट्रोरसायन एवं संश्लिष्‍ट जीवविज्ञान आ जाता है ।

सीएसआइआर भावी प्रौद्योगिकी नेताओं के रूप में मेधावी युवा इंजीनियरों को विकसित करने के लिए विभिन्‍न प्रयोगशालाओं में इंजीनियरी में स्‍नातकोत्‍तर अनुसंधान कार्यक्रम चला रहा है ।

सीएसआइआर — केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्‍थान  (सीबीआरआइ), रूड़की तथा सीएसआइआर —केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्‍थान, (सीआरआरआइ)  नई दिल्‍ली ‘’इंजीनियरिंग ऑफ इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर एंड डिजास्‍टर मिटिगेशन (ईआइडीएम) (भवन/सड़क)’’ में संयुक्‍त रूप से दो वर्षीय स्‍नातकोत्‍तर अनुसंधान कार्यक्रम संचालित कर रहे  हैं। देश के सामाजिक –आर्थिक विकास के लिए अपेक्षित दो प्रमुख  अवसंरचनाओं यथा आवास एवं सड़कों की महत्‍ता को अभिचिह्नित  करते हुए पाठ्यक्रम के पाठ्यचर्या को डिजाइन किया गया है। आपदा शमन की विषयवस्‍तु भूकंप, चक्रवात, बाढ़, भूस्‍खलन एवं आग जैसी आपदाओं के जोखिम के शमन की आवश्‍यकता को पर्याप्‍त ढंग से विवेचित करती हैं। इन सीएसआइआर प्रयोगशालाओं में कार्यरत वैज्ञानिकों  के समृद्ध  अनुभवों का उपयोग करते हुए प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक ज्ञान का सशक्‍त एवं श्रेष्‍ठ मिश्रण उपलब्‍ध करने  के लिए इस पाठ्यक्रम को विशेषत: तैयार किया गया है।

दोनों क्षेत्रों (भवन/सड़क) के छात्रों के लिए प्रथम सेमेस्‍टर समान है त‍था मूल पाठ्यक्रम सीएसआइआर—सीबीआरआइ, रूड़की में चलाए जाते हैं । तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्‍टर अभ्‍याथियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में शोध- प्रबंध हेतु पाठ्यक्रमों के माध्‍यम से अर्जित ज्ञान के दक्ष उपयोग का अवसर प्रदान करते हैं।

स्‍नातकोत्‍त्‍ार अनुसंधान कार्यक्रम का उद्देश्‍य उद्योग, अनुसंधान एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में नेतृत्‍व की भूमिका ग्रहण करने के लिए छात्रों की चयनित संख्‍या को उचित शैक्षणिक एवं इंजीनियरी शंसाओं के साथ सिविल इंजीनिय‍री में अति कुशल व्‍यावसायिकों के रूप में प्रशिक्षण देना है ।

छात्रों को उनके निर्वाह के लिए अध्‍येतावृत्ति की अच्‍छी राशि दी जाएगी । विशेष सम्‍मान के साथ पाठ्यक्रम पूरा करने वाले अभ्‍यथियों पर पीबी 3 में नियमित वैज्ञानिक (वेतनमान 15600– 39100, ग्रे वेतन रू.6600) के रूप में सीएसआइआर में नियुक्‍त करने पर विचार किया जाएगा ।

समन्‍वयक निदेशक :

प्रो. सतीश चंद्र
ई-मेल : director.crri@nic.in

पाठ्यक्रम समन्‍वयक :

डॉ. पी. के. जैन
ई-मेल : promodj.crri@nic.in, pk_crri@redifffmail.com
फोन : 091-11-26311117