केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान – एक परिचय

Central Road Research Instituteकिसी भी राष्‍ट्र की सामाजिक, आर्थिक एवं तकनीकी प्रगति के लिए सड़क एवं सड़क परिवहन अवसरंचना अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण साधन उपलब्‍ध कराते है जिससे बेहतर, टिकाऊ एवं सु‍रक्षित सड़कों के निर्माण के लिए अंतत: सुगम यातायात प्रचालन संभव होता है । सीआरआरआई के नाम से लोकप्रिय केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान महामार्ग, यातायात एवं परिवहन आयोजना तथा संबंधित क्षेत्रो में एक अग्रणी राष्‍ट्रीय अनुसंधान संस्‍थान है। यह संस्‍थान सड़क परिवहन एवं व्‍यावसायिक परामर्श के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास कार्य का उच्‍चतम स्‍तर प्रदान करता है ।

सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की स्थापना भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की एक घटक प्रयोगशाला के रूप में सन 1952 में दिल्ली में की  गई । यह संस्‍थान दिल्‍ली-मथुरा मार्ग (राष्‍ट्रीय महामार्ग-2) पर निजामुद्दीन रेल स्‍टेशन से पांच कि. मी.  की दूरी पर एक विशाल एवं सुंदर परिसर में स्थित है । यहां सड़क एवं धावन पथ, यातायात एवं परिवहन सेतु एवं भूतकनीकी के पहलुओं के क्षेत्र में अनुसंधान एवं परामर्श हेतु विस्‍तृत एवं बेजोड़ अवसंरचनात्‍मक सुविधाएं उपलब्‍ध हैं ।

सीआरआरआई के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत कुट्टिम अभिकल्‍पन व निष्‍पादन, सड़क दशा मानीटरन, कुट्टिम क्षति मॉडलिंग, अनुरक्षण योजना व  प्रबंध प्रणाली, भूस्‍खलन प्रबंध व जोखिम शमनीकरण, यातायात इंजीनियरी व प्रबंध तथा उदीयमान शहरी आवश्‍यकताओं के लिए संशोधित परिवहन, सेतु योजना प्रौद्योगिकी सम्मिलित है। इनके अलावा ग्रामीण सड़कों, सामग्री अभिलक्षण, कुट्टिम मूल्‍यांकन, महामार्ग यांत्रिकी, दशा मानीटरन व सेतुओं के पुन:स्‍थापन, परिवहन योजना, यातायात इंजीनियरी, सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरणीय समस्‍याओं की योजना तथा इंजीनियरी पहलुओं के क्षेत्र में अनुप्रयुक्‍त अनुसंधान इस संस्‍थान के कार्यक्रम के अभिन्‍न अंग है।

प्रशिक्षण संस्‍थान की एक महत्‍वपूर्ण गतिविधि है। विभिन्‍न लक्ष्‍य समूहों की आश्‍यकताओं के अनुरूप सीआरआरआई विभिन्‍न पुनचश्‍चर्या / प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रम उपलब्‍ध कराता है। सीआरआरआई में अब तक 25,000 से अधिक सेवारत महामार्ग इंजीनियरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

संस्‍थान, सूचना एवं तकनीकी विशेषज्ञता के आदान प्रदान के लिए देश तथा विदेश स्थित विभिन्‍न महामार्ग अभियांत्रिकी अनुसंधान संगठनों से संपर्क बनाए रखता है। वैश्विक स्‍तर पर टीआरबी (संयुक्‍त राज्‍य अमरीका), एआरआरबी (आस्ट्रेलिया) टीआरएल (इंग्‍लैंड), वर्ल्‍ड रोड एसोसिएशान (प्‍यार्क) इत्‍यादि में संस्‍थान का पर्याप्‍त प्रतिनिधित्व है।

सीआरआरआई के भावी कार्यक्रमों में संपूर्ण परिवहन संरचना की न्‍यूनतम संपूर्ण परिवहन लागत प्रति इकाई सहित सुरक्षित, तीव्र एवं दक्ष सड़क परिवहन प्रणाली पर केंद्रित होंगे । इसके लिए मानीटरन, तंत्र विकास, सामग्री का अभिलक्षण एवं सुधार, कुट्टिम मूल्‍यांकन तथा भौम सुधार एवं ढाल स्‍थायित्‍व वर्द्धन हेतु प्रौद्योगिकी के उन्‍नयन, अनुरक्षण एवं बौद्धिक परिवहन प्रणाली पर विशेष बल देते हुए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया गया है।

सड़क यातयात में परिमाण एवं धुरी भार दोनो दृष्टियों से वृद्धि होने के कारण आगामी कार्य अत्‍यंत चुनौतीपूर्ण हो गए हैं क्‍योंकि निकट भविष्‍य में द्रुतमार्ग एवं भारी शुल्‍क मार्ग जैसी सड़कों की नवीन पीढ़ी का निर्माण  होगा । अत: सड़क निर्माण, अनुरक्षण व प्रबंध की संशोधित विधियों की आवश्‍यकता है । इस नई चुनौती का सामना करने के लिए सीआरआरआई पूर्णत: सुसज्जित है तथा देश की विकास योजनाओं के साथ-साथ सार्क एवं एशिया और प्रशांत क्षेत्र के अन्‍य महामार्ग अभिकरणों को उच्‍चतम स्‍तर की अपेक्षित अनुसंधान एवं विकास सहायता देने को तैयार है।