परिवहन आयोजना

परिवहन आयोजना प्रभाग मार्च 2012 तक परिवहन आयोजना एवं पर्यावरण प्रभाग के रूप में कार्य कर रहा था । परिवहन आयोजना, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) एवं परिवहन अर्थशास्‍त्र के क्षेत्र में अनुसंधान व विकास तथा परामर्श को बढ़ाने के उद्देश्‍य से इसे अप्रैल 2012 से अलग प्रभाग बनाया   गया । सतत सड़क विकास हेतु उपर्युक्‍त क्षेत्रों में नवीन नवप्रवर्तनकारी दृष्‍टिकोणों के समावेश तथा शहरी केंद्रों में सतत परिवहन आयोजना हेतु नीति निर्माण करना इसका प्रमुख लक्ष्‍य है ।

अनुसंधान व विकास के क्षेत्र तथा परामर्श कार्य/प्रमुख गतिविधियां

अनुसंधान के क्षेत्र

  • समेकित यातायात एवं परिवहन अध्‍ययन (सीटीटीएस)
  • तकनीकी-आर्थिक संभाव्‍यता अध्‍ययन तथा सड़क उपभोक्‍ता लागत अध्‍ययन ।
  • शहरी सड़क जालतंत्र पर यातायात प्रदूषण भार से संबंधी यातायात भारों का आकलन ।
  • परिवहन प्रणाली प्रबंध
  • यात्रा मांग पूर्वानुमान
  • सड़क एवं सड़क परिवहन जनित ध्‍वनि प्रदूषण तथा ध्‍वनि मानचित्रण व कंपन अध्‍ययन का मानीटरन, मापन, माडलिंग व मूल्‍यांकन
  • परिवहन अर्थतंत्र तथा परिवहन परियोजनाओं का मूल्‍यांकन
  • परिवहन परियोजनाओं का संभाव्‍यता अध्‍ययन
  • परिवहन क्षेत्र में भू-स्‍थानिक अनुप्रयोग
  • परिवहन के सतत साधनों हेतु आयोजना

परामर्श कार्यक्षेत्र

  • परिवहन प्रणाली योजना एवं मूल्यांकन
  • यात्रा मांग पूर्वानुमान
  • परिवहन माडलिंग में अस्‍पष्‍ट तर्क अनुप्रयोग
  • ध्‍वनि माडलिंग व ध्‍वनि बाधा डिजाइन एवं ध्‍वनि मानचित्र
  • कंपन एवं कर्कशपन के प्रति मानव प्रतिक्रिया

अवसंरचनात्‍मक सुविधाएं

  • ध्‍वनि एवं कंपन स्‍तर एनालाइजर एवं डोज मीटर
  • अवरक्‍त आधारित स्‍वचालित गणक व वाहन वर्गीकारक
  • ग्‍लोबल पोजिशनिंग सिस्‍टम (जीपीएस)
  • डॉपलर रडार स्‍पीडोमीटर
  • वीडियो वी बॉक्‍स

सॉफ्टवेयर औजार

  • विसिम
  • पैरामिक्‍स    
  • क्‍यूब
  • ट्रांस कैड
  • एसपीएसएस
  • आर्क जीआइएस
  • पीटीवी विजन – विसिम

प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • ट्रांसपोर्टेशन प्‍लैनिंग एवं सिस्‍टम मैनेजमैँट
  • बाइब्रेशन एंड नोएज मैजरमैंट एंड एनालिसेज
  • जियो-स्‍पैटियल एप्‍लिकेशन इन ट्रांसपोर्टेशन सैक्‍टर

महत्‍वपूर्ण उपलब्‍धियां

  • भारत के प्रमुख महानगरों में शहरी सड़क यातायात एवं वायु प्रदूषण (यूआरटीआरएपी)
  • दिल्‍ली में सड़क यातायात एवं वायु प्रदूषण
  • दिल्‍ल्‍ी, मुंबई, नागपुर, सूरत, जयपुर, आइजोल, जमशेदपुर आदि शहरों में विस्‍तृत यातायात एवं परिवहन अध्‍ययन
  • लुधियाना मैट्रो, दिल्‍ली मैट्रो चरण 1 एवं चरण 2 का सवारी आकलन एवं आर्थिक मूल्‍यांकन
  • विभिन्‍न जनसंख्‍या समूहों की गतिशीलता स्‍तर तथा परिवहन समस्‍याएं
  • विभिन्‍न प्रवणता तथा पृष्‍ठ प्रकार के अंतर्गत स्‍थायी गति ईंधन खपत अध्‍ययन
  • दिल्‍ली मैट्रो के केंद्रीय सचिवालय बदरपुर गलियारें में ध्‍वनि एवं कंपन अध्‍ययन
  • साल्‍टलेक केएमआरसी गलियारा, कोलकाता के साथ ध्‍वनि, कंपन एवं निजता मुद्दा
  • तपन सिंहा अस्‍पताल, टॉलीगंज से घारिया मैट्रो गलियारा, कोलकाता में ध्‍वनि एवं कंपन अध्‍ययन
  • संकेतक चौराहों पर रूके वाहनों के ईंधन की हानि का आकलन
  • मुक्‍त आवागमन गलियारों एवं उपमार्गों हेतु तकनीकी-आर्थिक संभाव्‍यता अध्‍ययन
  • टोल प्‍लाजा प्रचालनों का सूक्ष्‍मदर्शी यातायात अनुकार
  • इंदिरा गांधी अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास समेकित यातायात परिचालन योजना का मूल्‍यांकन
  • विभिन्‍न आकार के 14 शहरों का शहरी यातायात प्रवाह अभिलक्षण
  • पैदल चलने वालों की सुविधाओं हेतु सेवा माडल के परिमाणात्‍मक व गुणात्‍मक स्‍तर का विकास

सम्‍मान/मान्‍यता तथा महत्‍वपूर्ण उपलब्‍धियां

  • डॉ. के. रविंद्र वर्ष 2012-2014 अवधि के लिए इंस्‍टीट्यूट ऑफ अरबन ट्रांसपोर्ट(आइयूटी) भारत के मानद चुने गए ।
  • डॉ. पूर्णिमा परीडा को चौंगवांग सिटी और आइसीएलईआइ-लोकन गवर्नमैंट फॉर सस्‍टेनेब्‍लिटी 24 अक्‍तूबर 2011, चौंगवांग, दक्षिण कोरिया द्वारा मोबिलिटी फार द फ्युचर ऑफ सस्‍टेनेबल सिटीज विषय पर आयोजित कांग्रेस पर पूर्ण प्रस्‍तुतिकरण के लिए आमंत्रित किया गया ।
  • श्री नसीम अख्‍तर, वरिष्‍ठ वैज्ञानिक को इंटरनैशनल जर्नल आफ नोएज, वाइब्रेशन एवं हार्सनेस (2011 से प्रभावी) हेतु एडीटर इन चीफ नामित किया गया ।
  • डॉ. इ.मधु और डॉ. के. रवीन्‍द्र को ‘क्रिटिकल एवोल्‍यूएशन ऑफ रोड वे कैपेसिटी ऑन मल्‍टी लेन हाइवेज ऑफ इंडिया अंडर हैट्रोजीनस ट्रैफिक कंडीशन विद ट्रेडिशनल एंड माइक्रोस्‍कोपिक ट्रैफिक सिमुलेशन’ विषय पर उनके प्रकाशन के लिए नवंबर 2011 में बिहार पीडब्‍ल्‍यूडी मैडल प्रदान किया गया । यह प्रकाशन भारतीय सड़क कांग्रेस के जर्नल वर्ष 2010 में प्रकाशित हुआ था ।
  • डॉ. पूर्णिमा परीडा को  एशियन डवलपमैंट बैंक, मनीला द्वारा सस्‍टेनेबल रूरल इन्‍फ्रास्‍ट्रकचर इंप्रवूमैंट
  • प्रोजेक्‍ट के लिए अप्रैल 2010 से सितंबर 2010 तक बांग्‍लादेश में पीबीटीए तैयार करने के लिए चयन किया गया ।
  • डॉ. इ.मधु और डॉ. के. रवीन्‍द्र को ‘इकोनोमिक एवोल्‍यूशन ऑफ हाइवे प्रोजैक्‍टस इन इंडिया’ नामक उनके प्रकाशन के लिए दिसंबर 2010 में श्रेष्‍ठ शोध पत्र पुरस्‍कार प्रदान किया गया । यह शोधपत्र इंडियन जर्नल ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमैंट में वर्ष 2009 में प्रकाशित हुआ था ।
  • डॉ. पूर्णिमा परीडा को पटना, बिहार में नवंबर 2009 में आइआरसी वार्षिक सत्र में आइआरसी जर्नल के मार्च 2008 में प्रकाशित ‘एस्‍टीमेशन आफ फ्यूइल लास डयूरिंग आइडलिंग ऑफ वेहिकल्‍स एट सिग्‍नेलाइज्‍ड इंटरसैक्‍शन’ लेख के लिए भारतीय सड़क कांग्रेस द्वारा आइआरसी मैडल दिया गया ।
  • डॉ. पूर्णिमा परीडा को  विश्‍व बैंक, वाशिंगटन डी.सी. द्वारा जनवरी 2009 में ‘क्‍वेलिटरिंग लेवल ऑफ सर्विस माडल्‍स फार पेडोस्‍ट्रिन फेसिलिटिज’ प्रस्‍तुतीकरण हेतु आमंत्रित किया गया ।