पर्यावरणीय विज्ञान

अनुसंधान व विकास के क्षेत्र तथा परामर्श कार्य/प्रमुख गतिविधियां

अनुसंधान के क्षेत्र

  • सड़क एवं सड़क परिवहन जनित वायु  प्रदूषण का मानीटरन, मापन व मॉडलिंग
  • सड़क, भवन, महामार्ग तथ मैट्रो रेल गलियारा परियोजनाओं हेतु पर्यावरणीय प्रभाव मूल्‍यांकन
  • परिवहन क्षेत्र जीएचजी उत्‍सर्जन
  • ईंधन खपत एवं बहिस्राव उत्‍सर्जन संबंधी अध्‍ययन
  • परिवहन क्षेत्र में कार्बन पदचिह्न एवं एलसीए परिप्रेक्ष्‍य

परामर्श कार्य/प्रमुख गतिविधियॉं

  • वायु प्रदूषण मानीटरन एवं विसर्जन माडलिंग
  • ड़क, भवन, महामार्ग तथ मैट्रो रेल गलियारा परियोजनाओं हेतु पर्यावरणीय प्रभाव मूल्‍यांकन
  • परिवहन क्षेत्र जीएचजी उत्‍सर्जन
  • ईंधन खपत एवं उत्‍सर्जन संबद्ध अध्‍ययन

अवसंरचनात्‍मक सुविधाएं

  • CO, NO x ,SO2, O3, HC एवं  SPM, PM2.5, PM10, VOC मॉनीटर तथा मौसम विज्ञान प्रणाली से युक्‍त वायु प्रदूषण मॉनीटरन वैन
  • आंकड़ा अर्जन प्रणाली सहित ईंधन खपत मीटर
  • आरएसपीएम (पीएम1 पीएम10 एंड पीएम2.5) मॉनीटर  
  • सुवाह्य ओज़ोन एवं वीओसी एनालाइज़र
  • पैट्रोल व डीजल वाहनों के लिए सुवाह्य अंत: स्‍थापित बहिस्राव उत्‍सर्जन एनालाइज़र
  • इलैक्‍ट्रोनिक टैकोग्राफ
  • जीसी एंड एचपीएलसी

सॉफ्टवेयर औजार

  • कैलाइन 4 मॉडल
  • वी बक्‍सा
  • सिमा प्रो

प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • एन्‍वयरमैंटल इम्‍पैक्‍ट असैस्‍मैंट (ईआइए) एंड एन्‍वायरमैंटल क्लियरैंस (ईसी) प्रोसैस फार रोड/हाइवे प्रोजेक्‍ट्स इन इंडिया
  • वेहिकुलर पॉल्‍यूशन मॉडलिंग एंड नोएज़ एंड वाइब्रेशन एनालिसेज पर तदनुकूल निर्मित प्रशिक्षण

महत्‍वपूर्ण उपलब्‍धियां

  • चल दहन: भारत में परिवहन क्षेत्र में जीएचजी उत्‍सर्जन । यूनाइटेड नेशन्‍स फ्रेमवर्क कान्‍वेंशन ऑन क्‍लाइमैट चेंज (यूएनएफसी-सी) पर भारत का दूसरा राष्‍ट्रीय संचार (एसएनसी)
  • उत्‍तर प्रदेश में ग्रेटर नौएडा से बलिया तक गंगा द्रुतमार्ग पर समेकित पर्यावरणीय प्रभाव मूल्‍यांकन प्रतिवेदन की पुनरीक्षा व अद्यतनीकरण
  • सड़क उपभोक्‍ता लागत (आरयूसीएस) माडयूल के भाग के रूप मे ‘स्‍टडी ऑन मेजरमैंट ऑफ ऑनरोड फयूएल कन्‍जम्‍पशन इन वेहिकल्‍स ।
  • वायु गुणवत्‍ता मूल्‍यांकन खंड 2 : दारलाघाट रोपड़ एवं दारलाघाट-नालागढ़ को जोड़ने वाले सड़क जालतंत्र पर यातायात व वायु प्रदूषण सर्वेक्षण ।
  • दिल्‍ली – मैट्रो बदरपुर – फरीदाबाद तथा मुंडका गलियारे का एनवायरमैंट इम्‍पैक्‍ट अस्‍सैस्‍मैंट ( ईआइए)
  • दिल्‍ली के विभिन्‍न प्रवेश स्‍थानों पर वे-इन मोशन (विम) प्रणाली की संस्‍थापना हेतु संभावना की जांच के लिए संभाव्‍यता अध्‍ययन ।
  • सड़क से परिसकंटमय सामग्रियों के परिवहन के दौरान पर्यावरणीय एवं सड़क सुरक्षा मुद्दे ।
  • दिल्‍ली मैट्रो के चरण 1 के कार्यान्‍वयन से प्राप्‍त लाभों का प्रमात्रीकरण ।
  • चौराहों पर रूके वाहनों के र्इंधन की हानि का आकलन ।
  • प्रस्‍तावित मैट्रो चरण 3 हेतु विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट की तैयारी हेतु पर्यावरणीय प्रभाव मूल्‍यांकन अध्‍ययन ।
  • दिल्‍ली के चयनित चौराहों पर वाहन प्रदूषण मानीटरन ।
  • परिवहन क्षेत्र से जीएचजी उत्‍सर्जन का आकलन (2002-2004) । यूनाइटेड नेशन्‍स फ्रेमवर्क ऑन क्‍लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) पर भारत का प्रारंभिक राष्‍ट्रीय संचार (आइएनसी)
  • सड़क परिवहन क्षेत्र से गतिविधि आंकड़ों में अनिश्‍चितता कमी (2002-2004) यूनाइटेड नेशन्‍स फ्रेमवर्क ऑन क्‍लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) पर भारत का प्रारंभिक राष्‍ट्रीय संचार (आइएनसी)
  • सड़क परिवहन क्षेत्र जीएचजी उत्‍सर्जन सूची (2003-04) यूनाइटेड नेशन्‍स फ्रेमवर्क ऑन क्‍लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) पर भारत का प्रारंभिक राष्‍ट्रीय संचार (आइएनसी) हेतु कार्य पर अनुशेष
  • ट्रेस गैसों एवं एयरोसोल पर इसरो-जीबीपी परियोजना ।
  • दार्जिलिंग एवं कोलकाता में महीन ठोस कणों एवं ओजोन स्‍तरों का अन्‍वेषण ।
  • प्रयोगाधीन पेट्रोल-चालित वाहनों के CO व HC उत्‍सर्जन में कटौती में फ्यूएल सेवर की प्रभाविकता ।
  • राष्‍ट्रीय महामार्ग -2 के मथुरा-दिल्‍ली एवं मथुरा-आगरा मार्गों के बीच वाहन प्रदूषण के प्रभाव पर अध्‍ययन ।
  • एएलजीएएस (एशियन लीस्‍ट कॉस्‍ट ग्रीनहाउस गैस अबैटमैंट स्‍ट्रेटेजी) (1998) – भारत में सड़क परिवहन से जीएचजी उत्‍सर्जन , एडीबी, मनीला,फिलीपाइन्‍स
  • दिल्‍ली में वर्तमान प्रदूषण जांच प्रणाली की प्रभाविकता का समीक्षात्‍मक मूल्‍यांकन तथा प्रयोगाधीन पैट्रोल चालित वाहनों हेतु उर्त्‍सजन मानकों के अनुपालन तथा उत्‍सर्जन अभिलक्षणों का मूल्‍यांकन
  • भारत के प्रमुख महानगरों में शहरी सड़क यातायात एवं वायु प्रदूषण (यूआरटीआरएपी)
  • प्रस्‍तावित मैट्रो भवन, बाराखंभा लेन, कनाट प्‍लेस, नई दिल्‍ली हेतु ईआइए अध्‍ययन
  • ईंधन खपत पर ओवरलोडिंग का प्रभाव

सम्‍मान/मान्‍यता तथा महत्‍व्‍पूर्ण उपलब्‍धियां

  • डॉ. अनिल सिंह यूएनएफसीसीसी (2008-2012) ‘इंडियाज सैकेंड नैशनल कम्‍युनिकेशन (एसएनसी) के एक अंश के रूप में भारत में परिवहन क्षेत्र जीएचजी एमिशन नोडल वैज्ञानिक   हैं ।
  • डॉ. नीरज शर्मा को ब्रिटिश काउंसिल, यूके आइएआरआई (यूके-इंडिया एजूकेशन एंड रिसर्च इजीशिएटिव), न्‍यूकैसल विश्‍वविद्यालय तथा आइआरटी दिल्‍ली द्वारा संयुक्‍त रूप से ‘सस्‍टेनेबल एयर क्‍वेलिटी मैनेजमैंट स्‍ट्रेटेजीज इन यूके एंड इंडिया : मानीटरिंग, मॉडलिंग एंड मैनेजमैंट (एम 3)’ पर यूकेआइईआरआइ स्‍टेकहोल्‍डर्स कार्यशाला में भाग लेने हेतु न्‍यूकैसल विश्‍वविद्यालय यूके (26 नवंबर-1 दिसंबर 2011) में प्रतिनियुक्‍त किया गया ।
  • श्रीमती अनुराधा शुक्‍ला को अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय, जामिया मिलिया इस्‍लामिया से वर्ष 2011 में पीएचडी डिग्री प्रदान की गई ।
  • डॉ. सिप्‍पी के चौहान को बीएएस, जर्मनी मई-जून 2011 हेतु अतिथि वैज्ञानिक फैलो प्रदान किया गया ।
  • डॉ. नीरज शर्मा को हिंदी दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 हेतु हिंदी में लेखन तथा अनुसंधान व विकास कार्य हेतु िदेशक प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार दिया गया ।
  • डॉ. कीर्ति भंडारी को जेजू, दक्षिण कोरिया में दिनांक 20 से 23 जून 2011 तक ईस्‍टर्न एशिया सोसायटी फार ट्रांसपोर्टेशन स्‍टडीज के सम्‍मेलन में भाग लेने के लिए विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वार वित्‍तीय सहायता प्रदान किया गया ।
  • डॉ. नीरज शर्मा, को ‘रिव्‍यू ऑफ एन्‍वायारमैंटल जाल एंड देयर एप्‍लीकेबिलिटी टू रोड/हाइवे प्रोजैक्‍टस नामक अनुसंधान पत्र के लिए दिनांक 11-14  नवंबर 2010 तक नागपुर में आयोजित भारतीय सडक कांग्रेस के 71वें वार्षिक अधिवेशन में भारतीय सडक कांग्रेस द्वारा ‘कामन्‍डेशन सर्टिफिकेट’ प्रदान किया गया । यह पत्र जर्नल ऑफ इंडियन रोडस कांग्रेस, वाल्‍यूम 70 पार्ट 2, पीपी 165-185 में प्रकाशित हुआ ।
  • डॉ. नीरज शर्मा, को हिंदी दिवस 14 सितंबर 2010 के अवसर पर उनके हिंदी में शोध पत्र ‘सड़क एवं राजमार्ग का पर्यावरण प्रभाव मूल्‍यांकन’ विषय पर श्रेष्‍ठ हिंदी अनुसंधान पत्र का पुरस्‍कार दिया गया । यह पत्र राष्‍ट्रीय विज्ञान संचार एवं सूचना स्रोत संस्‍थान ‘निस्‍केयर सीएसआइआर’ द्वारा प्रकाशित भारतीय वैज्ञानिक एवं अनुसंधान पत्रिका 17(2):108-1116 में वर्ष 2010 में प्रकाशित हुआ ।
  • डॉ. नीरज शर्मा को ‘दिल्‍ली के विभिन्‍न प्रवेश स्‍थानों पर वे-इन-मोशन(विम) प्रणाली की संस्‍थापना हेतु संभावना की जांच के लिए संभाव्‍यता अध्‍ययन’ हेतु वर्ष 2009-10 के लिए सीआरआरआइ सर्वश्रेष्‍ठ आंतरिक परियोजना पुरस्‍कार दिया गया ।
  • पी.वी.प्रदीप कुमार को ‘प्रयोगाधीन वाहनों के उत्‍सर्जन अभिलक्षणों के मूल्‍यांकन’ संबंधी अध्‍ययन हेतु वर्ष 2008-09 के लिए सीआरआरआइ सर्वश्रेष्‍ठ आंतरिक परियोजना पुरस्‍कार दिया गया ।
  • डॉ. अनिल सिंह को साइ-जर्नल ऑफ टोटल एनवायरमेंट, खंड 390, अंक 1, 124-131 में प्रकाशित सिंह ए., गंगोपाध्‍याय एस., नंदा पी.के. भट्टाचार्य, एस, शर्मा, सी एवं भान, सी.के लेख ‘ट्रेंडस ऑफ ग्रीनहाउस गैस एमीशन्‍स फ्राम दि रोड ट्रांसपोर्ट सैक्‍टर इन इंडिया’ हेतु वर्ष 2008 में सीआरआरआइ सर्वश्रेष्‍ठ लेख पुरस्‍कार प्रदान किया गया ।