भूसंश्‍लिष्‍ट पुल-आउट परीक्षण यंत्र

भूसंश्‍लिष्‍ट पुल-आउट  परीक्षण यंत्रसीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्‍थान तथा एआइएमआइएल द्वारा संयुक्‍त रूप से इस यंत्र का विकास किया गया । इसे अब सीएसआइआर-सीआरआरआइ में स्‍थापित कर दिया गया है तथा यह भारत में उपलब्‍ध ऐसी कुछ गिनी-चुनी सुविधाओं में से एक है । भूसंश्‍लिष्‍ट पुल-आउट परीक्षण यंत्र का उपयोग प्रबलन (जीआइ पट्टियां, भूसंश्‍लिष्‍ट आदि) तथा पश्‍चभराव मृदा के बीच अंत:मुखी घर्षण के निर्धारण के लिए किया जाता है । सुरक्षित तथा मितव्‍ययी व यांत्रिक रूप से स्‍थिरीकृत मृदा संरचनाओं के निर्धारण हेतु ये परिणाम अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण हैं । इस यंत्र में, मृदा की दो परतों के बीच भूसंश्‍लिष्‍ट सामग्री को रखा जाता है । पुल-आउट परीक्षण संपन्‍न करने के लिए, ऊपरी मृदा स्‍तर पर सामान्‍य संपीड़न प्रतिबल का प्रयोग किया जाता है तथा मृदा में से भूसंश्‍लिष्‍ट निकालने में अपेक्षित बल की मात्रा का मापन किया जाता है । अधिकतम भार को परीक्षण नमूना चौड़ाई से भाग देकर पुलआउट प्रतिरोधकता प्राप्‍त की जाती है । ऐसे परीक्षणों की श्रृंखला के द्वारा अधिकतम पुलआउट प्रतिरोधकता बनाम प्रयुक्‍त सामान्‍य प्रतिबल का आलेखन (प्‍लॉट) प्राप्‍त किया जाता है । सभी प्रकार के भूसंश्‍लिष्‍टों, विभिन्‍न प्रकार की मृदाओं तथा पश्‍चभराव सामग्री  के विभिन्‍न प्रकारों पर परीक्षण विधि प्रयोज्‍य है ।

यंत्र की विशेषताएं

  • मृदा संरचनाओं में भूजाल एवं जीआइ पट्टियों के पुलआउट अंत:मुखी गुणधर्मों के परीक्षण हेतु उपयुक्‍त
  • सामान्‍य भार 200 kN तक
  • पुलआउट बल 200 kN तक
  • प्रतिदर्श आकार 600 मिमी. X 450 मिमी. से 0.9 मी. X 1 मी. तक
  • परिणामों की तथ्‍यपरकता हेतु असम एवं मजबूत निर्माण
  • परिवर्ती अपकर्ष (पुल) गति उपलब्‍ध
  • पुन: प्रबलित प्रतिधारक दीवार, ढालों एवं तटबंधों के डिजाइन में प्रयुक्‍त ठोस तथा परिशुद्ध आंकड़ा अर्जन प्रणाली
  • 25 चैनल आंकड़ा अर्जन प्रणाली (विस्‍तार हेतु संभाव्‍य)