भू-तकनीकी अभियांत्रिकी

प्रभाग महामार्गों, भूस्‍खलन अन्‍वेषण एवं जोखिम शमन, मृदु एवं संपीड्न मृदा हेतु भौम सुधार, तथा सड़क निर्माण में विभिन्‍न प्रकार के अपशिष्‍ट एवं सीमांत सामग्रियों के अभिलक्षण तथा उपयोग से संबंधित क्षेत्रों में प्रायोजित अनुसंधान एवं परामर्श कार्य संपन्‍न करता है । प्रभाग ने केंद्रीय एवं राज्‍य लोक निर्माण विभागों, सड़क परिवहन तथा महामार्ग मंत्रालय (मॉर्थ), राष्‍ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग जैसी विभिन्‍न एजेंसियों तथा अनेक साव्रजनिक एवं निजी क्षेत्र के संगठनों द्वारा प्रायोजित अनेक कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं को सफलतापूव्रक पूरा किया है । प्रभाग अनुसंधान व विकास परियोजनाएं भी संचालित करता है । भारतीय मानक ब्‍यूरो, भारतीय सड़क कांग्रेस जैसे संगठनों द्वारा प्रकाशित भूतकनीकी अभियांत्रिकी के क्षेत्र में प्रैक्टिस एवं दिशा निर्देशों अनेक राष्‍ट्रीय कोड के निर्माण में भी प्रभाग ने महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है । महामार्ग अन्‍वेषण एवं अनुसंधान से संबंधित भूतकनीकी अभियांत्रिकी के क्षेत्र में विभिन्‍न प्रकार के प्रयोगशाला एवं स्‍थल अध्‍ययनों के संपादन हेतु उन्‍नत तथा पारंपरिक परीक्षण उपस्‍करेां, उपकरणों एवं सॉफ्टवेयर से प्रभाग भली भांति सुसज्जित है । विशेषज्ञता के उपर्युक्‍त क्षेत्रों में प्रभाग महामार्ग व्‍यवसायिकों को प्रशिक्षण भी देता है ।

देश के तटीय क्षेत्रों में विभिन्‍न स्‍थानों पर समुद्री मृदा निक्षेपों के संपिंडन तथा बालू अपवाह विधि, बालू पट्टी विधि, प्रस्‍तर स्‍तंभ, पूर्व भारण तकनीकी, हल्‍के भराव का उपयोग आदि तकनीकों की प्रभाविकता पर अन्‍वेषण किए गए । विभिन्‍न सड़क निर्माण एजेंसियों के लिए जलमग्‍न क्षेत्रों एवं दुर्गम भूभागों में तटबंध के डिजाइन तथा अध:मृदा अन्‍वेषण कार्य किए गए हैं । ऐसे अनेक परियोजनाओं के एक भाग के रूप में संपिडन प्रक्रिया की यांत्रिकी एवं मानीटरन किए गए । हाल के वर्षों में जीटीई प्रभाग द्वारा संपन्‍न परियोजनाओं में पूर्वप्रबलन विधि के तटबंधों तथा यांत्रिकी पक्षों ने विशेष रूप से ध्‍यान आकर्षित किया है ।

जीटीई प्रभाग की अन्‍य विशेषता ‘सड़क निर्माण में अपशिष्‍ट एवं सीमांत सामग्रियो का प्रयोग’ है । विभिन्‍न अपशिष्‍ट सामग्रियों यथा उड़नराख, स्‍टील संयंत्र धातुमल, तांबा धातुमल, किम्‍बरलाइट अवशिष्‍ट, नगरीय अपशिष्‍ट, राख, जेरोफिक्‍स आदि का विस्‍तृत अभिलक्षण किया गया तथा सड़क तटबंधों एवं सड़क कुट्टिमों के निर्माण हेतु इन सामग्रियों के उपयोग हेतु विनिर्देश विकसित किए गए हैं । अपशिष्‍ट सामग्रियों के प्रयोग से निर्माण के स्‍थल पर्यवेक्षण तथा ऐसे खंडों के निष्‍पादन के मानीटरन भी किए गए हैं । देश के चयनित क्षेत्रों में अपशिष्‍ट एवं सीमांत सामग्रियों की उपलब्‍घता पर आंकड़ा आधार की तैयारी का कार्य आंरभ करके तथा सड़क निर्माण हेतु ऐसी सामग्रियों के प्रयोग के इष्‍तमीकरण द्वारा 12वीं पंचवर्षीय योजना गतिविधियों में ऐसे कार्यों पर विशेष बल दिया गया है ।

इस प्रभाग ने अपनी स्‍थापना के बाद से ही भूस्‍खलन के शमन संबंधी समस्‍या पर कार्य किया है । देश के लगभग 400 सक्रिय भूस्‍खलनों हेतु विस्‍तृत आंकड़ा आधार तैयार किए हैं तथा भूस्‍खलन जोखिम वर्गीकरण मानचित्र एवं प्रबंध व शमन उपायों को तैयार किया गया है । भूस्‍खलन तथा अपरदन के विरूद्ध पर्वतीय ढालों के स्‍थिरीकरण हेतु जूट/नारियल जटा आधारित भूवस्‍त्रों के प्रयोग तथा मृदा कीलन तकनीकों पर संस्‍थान आगे रहा है । 12 वीं पंचवर्षीय योजना में सीएसआइआर-सीबीआरआइ तथा सीएसआइआर-निस्‍केयर के सहयोग से संयुक्‍त रूप से इन गतिविधियों को और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा ।

अनुसंधान व विकास तथा परमार्श गतिविधियों के क्षेत्र

महामार्ग डिजाइन एवं निर्माण हेतु भूतकनीकी अन्‍वेषण

  1. छोटे एवं बड़े सेतुओं सहित महामार्गों के लिए अध:मृदा अन्‍वेषण
  2. सामान्‍य/मृदु/विस्‍तारणीय मृदाओं पर उच्‍च तटबंधों का कंप्‍यूटर योजित डिजाइन/स्‍थायित्‍व विश्‍लेषण
  3. उपचारी उपायों के लिए उच्‍च तटबंधों का विफल्‍ता अन्‍वेषण तथा डिजाइन
  4. बाढ़ एवं चक्रवात संभावित क्षेत्रों में सड़क तटबंधों का डिजाइन एवं निर्माण
  5. सादन, रंध्र जलदाब, पार्श्विक विरूपण तथा स्‍वस्‍थाने प्रतिबल के मॉनीटरन हेतु यांत्रिकी
  6. नई तकनीक की खोज हुई है जो कि रेल/सड़क अंडरपास के निर्माण के लिए प्रयुक्‍त "मृदा कीलन तकनीक" के द्वारा निपात्‍य (कोलैप्‍सीबल) मृदा पुंज का चरणगत पुनरावृत्‍त स्थिरीकरण व अस्थिरीकरण

भौम सुधार तकनीक

  1. प्रस्‍तर, स्‍तंभों, चूना ढेर, चूना पंक इंजेक्‍शन, बालू अपवाह आदि के द्वारा भौम सुधार
  2. यांत्रिक एवं रासायनिक मृदा स्थिरीकरण
  3. सड़कों एवं तटबंधों में भू-संश्लिष्‍ट
  4. सड़क निर्माण में नारियल जटा एंव जूट तंतु
  5. प्रबलित मृदा संरचनाओं का डिजाइन एवं निर्माण पर्यवेक्षण

सड़क एवं तटबंध निर्माण अ‍पशिष्‍ट तथा सीमांत सामग्रियों का उपयोग

  1. कोयला राख
  2. लौह एवं स्‍टील धातुमल
  3. तांबा धातुमल
  4. अत्‍यंत महीन तांबा धातुमल
  5. जस्‍ता धातुमल
  6. फॉस्‍फोजिप्‍सम
  7. जैरोसाइट एवं जैरोफिक्‍स
  8. नगरीय अपशिष्‍ट
  9. किंबर लाइट अवशिष्‍ट
  10. चावल की भूसी का राख
  11. खनन अपशिष्‍ट
  12. रेडमड
  13. निर्माण एवं ध्‍वंस अ‍पशिष्‍ट
  14. सिंडर

भूस्‍खलन अन्‍वेषण

  1. संकट अवक्षेत्र वर्गीकरण तथा प्रबंध, शमनीकरण उपाय, यांत्रिकी आदि ।
  2. भूस्‍खलनों के स्थिरीकरण हेतु क्षैतिज अपवाहिका तकनीक एवं गहरा गढ्ढ़ा  ।
  3. सुराक्षात्‍मक उपाय यथा प्रतिधारक दीवार, गैबियन एवं प्र‍बलित मृदा  ।
  4. ढलवा मृदा ढलानों के स्थिरीकरण  हेतु मृदा कीलन तकनीक ।
  5. जूट एवं नारियल जटा वस्‍त्रों जैसे प्राकृतिक तन्‍तुओं  तथा संशलिष्‍ट भूवस्‍त्रों के प्रयोग से हरित आवरण के द्वारा प्राकृतिक ढलानों  का अपरदन नियंत्रण ।

अवसंरचनात्‍मक सुविधाएं

प्रयोगशाला अन्‍वेषण

  1. स्‍वा‍चालित छननी दोलित्र
  2. कैसाग्रांड परीक्षण उपकरण एवं शंकु वेधन मापी
  3. प्रॉकटर संहनन उपकरण (मानक / आशोधित)
  4. प्रत्‍यक्ष अपरूपण परीक्षण
  5. संपिंडन परीक्षण्‍ उपकरण
  6. पारगम्‍यता परीक्षण
  7. सीबीआार परीक्षण उपकरण
  8. आपेक्षित घनत्‍व्‍ा परीक्षण्‍ उपस्‍कर
  9. आनमन साम्‍ध्‍य परीक्षण
  10. वेन अपरूपण परीक्षण
  11. पुनरावृत भार त्रिअक्षीय परीक्षण
  12. जीडीएस त्रिअक्षीय परीक्षण मशीन
  13. भूसंश्‍लिष्‍ट पुलआउट परीक्षण सुविधा
  14. कुल योग स्‍टेशन (इलेक्‍ट्रोनिक थीयोडोलाइट)
  15. भू मंडलीय दशा प्रणाली
  16. शिला कर्तन एवं घिसाई मशीन
  17. शिला परीक्षण
  18. मफल भट्टी

स्‍थल अन्‍वेषण

  1. प्रवेधन रिंग उपस्‍कर
  2. स्‍थल फलक अपरूपण परीक्षण
  3. स्‍थैतिक शंकु अंतर्वेधन
  4. पट्टिका भार परीक्षण
  5. गतिशील शंकु अंतर्वेधन परीक्षण
  6. वैद्युत प्रतिरोधकता मापी
  7. सादन प्रमापी, दाबमापी एवं आनति मापी

प्रशिक्षण कार्यक्रम

  1. महामार्ग परियोजनाओं के लिए भूतकनीकी एवं भूस्‍खलन अन्‍वेषण
  2. ग्रामीण सड़कों की योजना, डिजाइन, निर्माण एवं अनुरक्षण

सॉफ्टवेयर औजार

  1. अध:मृदा अन्‍वेषण, उच्‍च तटबंध डिजाइन, सादन विश्‍लेषण, प्रबलित मृदा दीवार डिजाइन, मृदा कीलन एवं क्षमता वाहक अभिकलन हेतु डिजाइन जैसे भूतकनीकी अनुप्रयोगों हेतु सॉफ्टवेयर पैकेज

महत्‍वपूर्ण उपलब्धियॉं

  1. देश के विभिन्‍न भागों में 250 भूस्‍खलनों से अधिक के लिए गहन भूवैज्ञानिक, भूतकनीकी अन्‍वेषण, यांत्रिकी व मॉनीटरन कार्य किए तथा उपयुक्‍त उपचारी उपाय सुझाए ।
  2. भूस्‍खलन शमनी तकनीक एवं जोखिम प्रबंध का विकास ।
  3. प्रस्‍तर स्‍तंभों, बालू अपवाह एवं भूसंश्लिट आदि के उपयोग से भौम सुधार तकनीक सहित प्रबलित मृदा प्रतिधारक दीवारों एवं उच्‍च तटबंधों के निर्माण हेतु विभिन्‍न परियोजनाओं के लिए डिजाइन विवरण एवं विधि वक्‍तव्‍य उपलब्‍ध कराए गए ।
  4. मृदा कीलन एवं क्षैतिज अपवाह तकनीक की सहायता से ढलवां पर्वतीय ढालों का सफलतापूर्वक स्थिरीकरण किया गया ।
  5. अत्‍यंत अस्‍थायी मृदा दशाओं में भूमिगत मार्गों के निर्माण तथा मृदा कीलन के साथ ऊर्ध्‍वाधर अस्‍थायी परिच्‍छेद ढलानों के स्थिरीकरण की तकनीक का विकास ।
  6. चक्रवात एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सड़क एवं तटबन्‍धों के निर्माण हेतु तकनीक एवं दिशा-निर्देश उपलब्‍ध कराए।
  7. भारत में उपलब्‍ध अपशिष्‍ट एवं सीमांत सामग्रियों का सड़क निर्माण में उपयोग करने के लिए विनिर्देश तैयार किए एवं निर्माण दिशा-निर्देश उपलब्‍ध कराए।
  8. व्‍यापक अनुसंधान एवं विकास प्रयास संचालित करके सिविल अभियांत्रिकी परियोजनाओं में प्राकृतिक और संश्लिष्‍ट भूवस्‍त्रों एक नवीन निर्माण सामग्री ) के सर्वधन हेतु उल्‍लेखनीय प्रयास किए ।
  9. भूकंपी जोखिम हेतु दिल्‍ली का जीआइएस आधारित अध: आधार मानचित्र तथा सूक्ष्‍म मानचित्र वर्गीकरण तैयार किए ।
  10. प्रैक्टिसेज एवं दिशा-निर्देशों का राष्‍ट्रीय कोड निकालने के लिए महत्‍वपूर्ण योगदान दिया ।

कोडो / मानकों / नियमावली / मार्गदर्शीकाओं / पुस्तिका हेतु योगदान

  1. स्‍टेट ऑफ दी आर्ट रिपोर्ट ऑन ग्राउंड इम्‍प्रूमेंट वॉल्‍यूम 1 एंड 2—पब्‍लिशड बाय इंडियन रोड कांग्रेस (आइआरसी), इंडिया
  2. स्‍टेट ऑफ दी आर्ट रिपोर्ट ऑन लैंडस्‍लाइड करेक्‍शन टैक्‍नीक्‍स-पब्‍लिशड बाय इंडियन रोड कांग्रेस , इंडिया
  3. स्‍टेट ऑफ दी आर्ट रिपोर्ट ऑन जीयोटैक्‍सटाइल-पब्‍लिशड बाय इंडियन रोड कांग्रेस , इंडिया
  4. मेन्‍यूल ऑन रूरल रोड डेवलपमेंट इन इंडिया, वॉल्‍यूम 1 एंड 2—पब्‍लिशड बाय प्‍लानिंग कमीशन, इंडिया
  5. गाइडलाइन्‍स फॉर यूज ऑफ फ्लाइएैश इन रोड्स एंड इम्‍बैंकमेंट, आइआरसी-58-पब्‍लिशड बाय इंडियन रोड कांग्रेस, इंडिया
  6. गाइडलाइन्‍स फॉर यूज ऑफ जीयोटैक्‍सटाइल इन रोड्स पेवमेंट एंड एसोसिएटिड र्वक्‍स, आइआरसी-59 -पब्‍लिशड बाय इंडियन रोड कांग्रेस , इंडिया
  7. स्‍टेट ऑफ दी आर्ट रिपोर्ट ऑन सॉयल स्‍टेबिलेशन—पब्‍लिशड बाय इंडियन रोड कांग्रेस, इंडिया
  8. स्‍टेट ऑफ दी आर्ट रिपोर्ट ऑन बॉन्‍ड एंड अनबॉन्‍ड ग्रेनुलर बेसिस एंड सबबेसिस—पब्‍लिशड बाय इंडियन रोड कांग्रेस , इंडिया
  9. हिल रोड मेन्‍युल-पब्‍लिशड बाय आइआरसी
  10. गाइडलाइन्‍स ऑन ड्रेनेज एसपैक्‍ट ऑफ रोड्स,पब्‍लिशड बाय आइआरसी
  11. गाइडलाइन्‍स फॉर सॉयल एंड ग्रेनुलर मटेरियल स्‍टेबिलेशन यूजिंग सीमेंट, लाइम एंड फ्लाइएैश , आइआरसी: एसपी: 89-2010, पब्‍लिशड बाय आइआरसी
  12. रेक्‍मेनडिड प्रैक्‍टिस फॉर कंसट्रक्‍शन ऑफ आर्थ इम्‍बैंकमेंट एंड सबग्रेड फॉर रोड्स र्वक्‍स, आइआरसी: 36-2010, पब्‍लिशड बाय आइआरसी
  13. रेक्‍मेनडिड प्रैक्‍टिस फॉर ट्रीटमेंट ऑफ इम्‍बैंकमेंट एंड हिल स्‍लोपस फॉर इरोजन कंट्रोल, आइआरसी : 56-2010, पब्‍लिशड बाय आइआरसी
  14. ड्राफ्ट गाइडलाइन्‍स फॉर कंसट्रक्‍शन ऑफ रोड्स एंड इम्‍बैंकमेंट्स इन साइक्‍लोन प्रोन एरिया—नेशनल डिजास्‍टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी
  15. स्‍टेट ऑफ दी आर्ट रिपोर्ट ऑन यूज ऑफ जूट जीयोटैक्‍सटाइल फॉर कंसट्रक्‍शन ऑफ रोड्स एंड इरोजन कंट्रोल, पब्‍लिशड बाय आइआरसी, इंडिया
  16. गाइडलाइन्‍स फॉर रिव्‍यू ऑफ कंसट्रक्‍शन ऑफ नेशनल हाइवे अंडर एनएचडीपी- पब्‍लिशड बाय इंडियन ऑडिट एंड एकाउंट्स डिपार्टमेंट