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भू-सुधार तकनीके अवमृदा अन्वेषण, नींव अभिकल्प, धारण क्षमता के सुधार के लिए उपाय, भू-वस्त्र व बालू अपवाहिका, पत्थर स्तम्भ, मृदा सघनीकरण तकनीकें, प्रबलित भू-तकनीकें मृदा की भूकम्पी द्रवण क्षमता, पीजो कोन, मृदा तथा एस पी टी सहसम्बन्ध, इत्यादि
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भू-स्खलन तथा सड्कें भू-स्खलन सुधार तकनीकें, भू-स्खलन जोखिम अनु क्षेत्र (जोनेशन), वर्गीकरण अवसरंचना विकास के लिए क्षेत्रों का माइक्रो जोनेशन तथा भूकम्प से संबंधित निवास, भू-स्खलन, बाढ, इत्यादि जोखिम, भू स्खलन पर डाटा बैंक, यांत्रिकरण के लिए स्टेट ऑफ आर्ट प्रौद्योगिकियां तथा भू-स्खलन की मानिटरिंग, विनाश जानकारी जालतंत्र, संकटपूर्ण भू स्खलनों का सूचीकरण तथा महत्वपूर्ण स्थितियों को आन लाइन मानिटरिंग के लिए यांत्रिकृत किया जाएगा, सुधारात्मक उपायों के लिए भू स्खलन की खोज तथा विश्लेषण, विफलता के लिए थ्रैशहोल्ड देहली/प्रभाव सीमा प्रचलन तथा प्रभावी उपाय
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सड्क निर्माण में उपान्त (मार्जीनल) तथा अपशिष्ट सामग्री का प्रयोग सड्क निर्माण में काफी यात्रा में प्रयोग के लिए अपशिष्ट सामग्री के अभिलक्षण, तकनीकें, विनिर्देशों का विकास तथा मूल्यांकन, उडन राख धातुमल भट्टी, दानेदार धातुमल भट्रटी, निगम अपशिष्ट, अन्य उपलब्ध स्थानीय अपशिष्ट (हीरा खान अपशिष्ट, स्वर्ण खान अपशिष्ट, कोयला खान अपशिष्ट इत्यादि) आइ आर सी के लिए दिशा-निर्देशों का विकास, सड़क परिवहन तथा महामार्ग, मंत्रालय तथा बीआईएस विनिर्देश के लिए दिशा निर्देशों का विकास |




मृदा अभिलक्षण तथा रसायनदेश के लिए मृदा मानचित्रण, मृदा रसायन, मृदा स्थिरीकरण, तकनीकें, सड़क अध:स्तर का परीक्षण तथा अभिकल्प, उच्च गति सड़कें जैसे द्रुतमार्ग तथा मुक्तमार्ग (एन एच डी पी तथा देश के द्रुतमार्ग कार्यक्रम) के अभिकल्प के लिए मृदा अभिलक्षण तथा लो वाल्यूम ग्रामीण सड़कें, सड़क तथा सेतु सरंचना की नींव का अभिकल्प तथा विश्लेषण, सेतु संरचना के लिए गहरी नींव
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सड़क निर्माण पर उड़न राख का प्रयोग |
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काली कपासी मिट्टी में भू-वस्त्र का प्रयोग |