सड़क तटबंध में नगरपालिका ठोस कचरे (एमएसडब्ल्यू) का उपयोग

आइपीआर विवरण (भारत/विदेश में अर्जित पेटेंट/कापीराइट/ट्रेडमार्क) 

आवेदन नहीं किया गया

अनुप्रयोग/उपयोग

विकसित क्रियाविधि/प्रक्रिया/डिजाइन विनिर्देशों के प्रयोग से सड़क तटबंध निर्माण के लिए लैंडफि‍ल से प्राप्‍त नगरपालिका ठोस कचरे (एमएसडब्‍ल्‍यू) का उपयोग करना संभव होगा ।

प्रतिस्‍पर्धी विशेषताओं सहित प्रमुख तकनीकी विशेषताएं

विशि‍ष्‍ट स्थितिपरक अध्‍ययन के आधार पर निम्‍नलिखित बिंदू प्राप्‍त किए गए -

  • तटबंध निर्माण के लिए पृथक्‍कृत नगरपालिका ठोस कचरे का लगभग 65-75% का प्रयोग किया जा सकता है ।
  • लीचेट अध्‍ययनों से ज्ञात होता है कि एमएसडब्‍ल्‍यू गैर जोखिमपूर्ण सामग्री है क्‍योंकि भारी धातुओं का सांद्रण स्‍वीकार्य सीमा के अंदर है ।
  • प्रारूपिक डिजाइन काट परिच्‍छेद 3 मीटर एवं 5 मीटर ऊंचाई के एमएसडब्‍ल्‍यू तटबंध के लिए प्राप्‍त किए गए हैं ।

विकास का स्‍तर/पैमाना

सीएसआईआर-सीआरआरआई द्वारा सड़क तटबंध में एमएसडब्‍ल्‍यू के प्रयोग के लिए विस्तृत प्रयोगशाला अन्‍वेषण  संपन्‍न करके क्रियाविधि/प्रक्रिया का विकास किया गया ।

पर्यावरणीय विचार

विकसित क्रियाविधि/प्रक्रिया के स्‍थल अनुप्रयोग से प्रदूषण में कमी आएगी, पर्यावरण सुरक्षा एवं वहनीय सड़क निर्माण संभव होगा ।

वाणिज्यिकरण की स्थिति

दिल्‍ली में गाजीपुर स्‍थल के नगरपालिका अपशिष्‍ट के प्रयोग के लिए विकसित प्रारूपिक क्रियाविधि/प्रक्रिया भारतीय राष्‍ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को अंतरित की गई । स्थिति विशेष की आवश्‍यकताओं के आधार पर अन्‍य सड़क निर्माण एजेंसियों द्वारा विकसित जानकारी का समुचित रूप से डिजाइन किया जा सकता है ।

उपयोग में लाई जाने वाली प्रमुख कच्‍ची सामग्रियां

पृथ्‍थकृत एमएसडब्‍ल्‍यू

अपेक्षित प्रमुख संयंत्र उपकरण एवं यंत्र

पृथक्‍करण संयंत्र, सड़क निर्माण के लिए प्रयुक्‍त पारंपरिक उपकरण

तकनीकी आर्थिक

विकसित क्रियाविधि/प्रक्रिया पारंपरिक मृदा/भराव सामग्री के लिए एक विकल्‍प है जो आर्थिक दृष्टि से लाभकारी होते हुए निर्माण की लागत में कमी लाएगी । अप्रत्‍यक्ष लाभों के अंतर्गत नगरपालिका अपशिष्‍टों का सुरक्षित निपटान, स्‍वास्‍थ्‍य जोखिमेां में कमी लाना, शहरी भूमि की सुरक्षा आदि सम्मिलित है ।